दारु अऊ आरथिक बेवस्था


                   -:दारु अउ आरथिक बेवस्था:- 

छत्तीसगढ़ हा खेती किसानी अउ खनिज सम्पदा ले सम्पन्न परदेस ऎ। ईंहा लोहा, कोइला, सोना, हिरा, टिना, बाक्साइट, डोलोमाइट अउ अइसनहा कतको खनिज ए छत्तीसगढ़ के कोरा म समाये हवय। हमर परदेस हा धान ला बेचे के संगे संग खनिज मनके अब्बड़ मातरा मे निरयात करथे। एक डहर जम्मो संसार हा कोरोना महामारी ले तरस्त हे ता दुसर डहर हमर परदेस के मुखिया हर दारु भट्ठी ला चालु करे के आदेस दे दिस। हमार परदेस के मुखिया ला एक बार अउ बिचार करना चाहि। आरथिक बेवस्था के चिन्ता हे ता छ.ग. म कई किसम के खनिज भन्डारन हे। ईंहा के खनिज सम्पदा ले बेवस्था म सुधार कर सकत हे। दारु ला बेच के आरथिक बेवस्था म परवार, समाज अउ परदेस के सुधार नइ करे जा सकय। दारु ले मनखे अउ ओखर परवार के आरथिक बेवस्था डगमगावत हे। अइसन म "गढबो नवा छत्तीसगढ़" जइसन नारा हा कागज म झन सिमट जाए। परदेस सरकार जनता के सुरक्छा बेवस्था ला धियान मे रखव अउ एक नवा छत्तीसगढ़ के निरमान करव। हमर मुखिया से मोर बिनती हे आप मन एक जिम्मेदार जनसेवक हरो आप मन एक बार अउ बिचार करके मोर छोटे कन सन्देस म धियान देहु, अउ छ.ग. परदेस ल "नसामुक्त राज्य" बनाये म अपन अहम योगदान देवव।

टिकेन्द्र नेताम "बेमेतरिहा"

झालम बेमेतरा


Comments

  1. सही गोट ला बताये हस दाऊ.... मैं भी चाहथव की हमर प्रदेश हा नशा मुक्त होवय काबर की हम जवान मन मेहनत करके बने के व्यवसाय अऊ नौकरी कर अपन घर परिवार के आर्थिक स्थिति मा सुधार भी कर सकन....🙏🙏

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  2. बहुत बड़िया विचार रखे हव दाऊ जी
    नशा ह नाश के जर होथे, जे पिही ते चितिया जाही
    । पियत पी पईया पी पाही त जियते जियत मर जाही ।।

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