मोर माटी...मोर गाँव
छ.ग. परदेश के पहिली गौ-अभ्यारन
बेमेतरा जिला मुख्यालय ले लगभग 3 कोस दुरिहा में राजकिय रद्दा करमान्क-07 के जेवनी बाजु में मोर छोटे से गाँव झालम बसे हे। हमर गाँव के परमुख बेवसाय कृषि हे लेकिन कुछ बछर पहिली बदैलिन (आवारा पशु गाय,बैल,सांड) के खतरा अब्बड बाड़ गे रहिसे। जेखर संखिया लगभग 600-800 रहिन हे, जेन खेत मे चल देतिस उहा के फ़सल ला एक बार मे चौपट कर देतिस, हमर गाँव अउ आजु बाजु गाँव के किसान मन बर अब्बड़ परेसानी रहिसे, अतेक के संख्या के जानवर ला एक साथ कोनो डहर लेगना भी चुनउती के बात रहिसे, तब तत्कालिन सरकार हा गाँव के 85-100 ऎकड़ के भाठा में हि बदैलिन के संरक्षन के गोठ कहिसे, अउ छ.ग. के पहिली गौ-अभ्यारन हमर गाँव झालम में इस्थापित होइसे। गौ-अभ्यारन बने ले अब हमर गाँव के किसान मन परमुख रुप ले धान,सोयाबीन,राहेर, तिवरा,चना,अउ कठई के बढ़िया पैदावार करथे, हमर गाँव बेमेतरा जिला के आदिवासी बाहुल गाँव हरे, ईंहा के करमा, सुवा नाच हा पुरा परदेश के साथ-साथ देश मा नाम कमाऎ हे, हमर गाँव में हर बछर करमा नाच माघ पुन्नी मेला के बिहान दिन मनाथे।
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